Silver Show: ‘सिल्वर शो ऑफ इंडिया’ चांदी (Silver) को नई चमक दे गया। इस सिल्वर एग्जिबिशन (Silver Exhibition) में देश भर के ज्वेलर्स पहुंचे थे और इस शो के कारण सिल्वर ज्वेलरी (Silver Jewellery) के बाजार में पॉजिटिव संकेत संवरे हुए दिख रहे हैं। वैश्विक स्तर पर लगातार बढ़ती जा रही आर्थिक अनिश्चितताओं, सिल्वर की घटती – बढ़ती कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव और कमजोर होते आर्थिक माहौल से निवेशकों की बदलती रणनीतियों के बीच मुंबई में आयोजित सिल्वर शो ऑफ इंडिया (Silver Show of India) जिसे आम ज्वेलरी सेक्टर में एसएसआई (SSI) के नाम से जाना जाचा है, उसने सिल्वर ज्वेलरी (Jewellery) उद्योग को नई ऊर्जा प्रदान की है। देश के सबसे बड़े बी2बी सिल्वर (Silver) ट्रेड शो के रूप में पहचान बना चुका यह आयोजन 5 से 8 जून 2026 तक मुंबई के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स स्थित जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में संपन्न हुआ। मुंबई, नई दिल्ली, बेंगलुरु सहित देश के प्रमुख शहरों में सफल आयोजन कर चुकी जीईएस इंडिया आईएनसी ने व्यापारिक प्रदर्शनियों के क्षेत्र में विश्वसनीयता और गुणवत्ता का मजबूत मानदंड स्थापित किया है। सिल्वर शो (Silver Show) ऑफ इंडिया जैसी सफल एग्ज्बिशन के माध्यम से कंपनी आज भारतीय सिल्वर उद्योग को संगठित, आधुनिक और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इस वर्ष प्रदर्शनी की थीम “हम सबका अपना सिल्वर शो” रखी गई, जो सभी की सहभागिता और भारत की समृद्ध सिल्वर विरासत के उत्सव के प्रतीक के रूप में साबित हुई।
कुल 550 एग्जिबिटर्स और 1500 से अधिक बूथ
सिल्वर शो का यह चौथा संस्करण था, जो पहले के सभी आयोजनों से अधिक सफल रहा, जिसमें देशभर से 550 से अधिक एग्जिबिटर्स ने 1500 से अधिक बूथ के साथ हिस्सा लिया। जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर के जस्मिन हॉल और पेवेलियन हॉल में 5 से 8 जून तक कुल चार दिनों तक चले इस सिल्वर शो ऑफ इंडिया में 925 स्टर्लिंग सिल्वर ज्वेलरी, टैंपल ज्वेलरी, सिल्वर आर्टिफैक्ट्स, सिल्वर गिफ्ट आइटम्स, सिल्वर फ्रेम्स, सिल्वर हैंडीक्राफ्ट्स तथा सिल्वर के आधुनिक डिजाइनों का विशेष प्रदर्शन किया गया। लगभग 25 हजार से ज्यादा लोगों ने इस सिल्वर शो में अपनी उपस्थिति दर्ज करके देश के ज्वेलरी मार्केट में चांदी की चमक के और निखरने की गवाही दी। यह एग्जिबिशन शुद्ध रूप से केवल व्यापारिक प्रतिनिधियों के लिए आयोजित की गई थी, जिससे देश भर के निर्माताओं, होलसेलर्स, एक्सपोर्टर्स और रिटेल ज्वेलरी विक्रेताओं को एक ही मंच पर व्यापारिक अवसर प्राप्त हुए।

उदघाटन समारोह में उपस्थित रहे महत्वपूर्ण लोग
देश के सबसे प्रतिष्ठित एग्जिबिशन स्थल जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में संपन्न हए सिल्वर शो का उदघाटन केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले तथा महाराष्ट्र विधानसभा के अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने फीता काटकर किया। उद्घाटन समारोह में सिल्वर और ज्वेलरी इंडस्ट्री की कई प्रतिष्ठित हस्तियां भी उपस्थित रहीं। उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता इंडियन बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (इब्जा) के प्रेसिडेंट पृथ्वीराज कोठारी ने की। सिल्वर शो एग्जिबिशन कमेटी के चेयरमेन और इब्जा के ज्वेलरी डिवीजन के चेयरमेन डॉ. चेतन कुमार मेहताने आयोजन की रूपरेखा रखी और सिल्वर इंडस्ट्री के लिए इसकी महत्ता पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में थंगामयिल ज्वेलरी लिमिटेड के जॉइंट एमडी बीए रमेश, पीएनजी ज्वेलर्स के चैयरमैन डॉ. सौरभ गाडगिल, जोय अलुक्कास ज्वेलरी ग्रुप के प्रबंध निदेशक वर्गीज अलुक्कास, जीजेपीसी के चेयरमैन किरीट भंसाली, एनजेआईसी के चेयरमैन प्रमोद अग्रवाल, जीजेसी के उपाध्यक्ष अविनाश गुप्ता तथा जीजेईपीसी के क्षेत्रीय चेयरमेन महेंद्र कुमार तायल विशेष रूप से मौजूद रहे। आयोजकों के अनुसार सिल्वर शो ऑफ इंडिया आज भारतीय चांदी उद्योग का प्रमुख मंच बन चुका है, जो निर्माताओं, थोक व्यापारियों और रिटेलर्स को जोड़ने के साथ-साथ नए व्यापारिक अवसर उपलब्ध करा रहा है। यह आयोजन केवल एक व्यापार प्रदर्शनी नहीं, बल्कि फैशन, लाइफस्टाइल और उपभोक्ता रुझानों को दिशा देने वाला महत्वपूर्ण उद्योग मंच भी बन गया है।
कीमतों की अस्थिरता के बीच उम्मीद की किरण
सिल्वर के दामों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। पिछले वर्ष 2025 से लेकर 2026 में भी अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां, डॉलर की कहीं तो ज तो कहीं धीमा चाल, इंडस्ट्रीयल डिमांड तथा निवेशकों की रणनीतियां सिल्वर की कीमतों को प्रभावित कर रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के महीनों में कीमतों की अस्थिरता के कारण कई ट्रेडर्स और कंजूमर्स ने खरीदारी के निर्णय टाल दिए थे, जिससे सिल्वर मार्केट में कुछ हद तक सुस्ती का माहौल बना हुआ था। ऐसे समय में मुंबई में हुआ यह सिल्वर शो ज्वेलरी इंडस्ट्री के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ। एग्जिबिशन में बड़ी संख्या में ज्वेलरी खरीदारों की मौजूदगी ने यह संकेत दिया कि सिल्वर की दीर्घकालिक मांग मजबूत बनी हुई है। उद्योग जगत के प्रतिनिधियों का मानना है कि शादी – विवाह, धार्मिक उपयोग, गिफ्ट्स मार्केट और निवेश के रूप में सिल्वर की बढ़ती स्वीकार्यता आने वाले महीनों में कारोबार को गति प्रदान कर सकती है। इस सिल्वर एग्जिबिशन में पारंपरिक भारतीय शिल्पकला और आधुनिक डिजाइन का अनूठा संगम देखने को मिला। राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और दक्षिण भारत के विभिन्न केंद्रों से आए निर्माताओं ने अपने नवीनतम संग्रह प्रस्तुत किए। सिल्वर ज्वेलरी के साथ-साथ धार्मिक प्रतिमाएं, पूजा सामग्री, कॉर्पोरेट गिफ्टिंग उत्पाद और हस्तशिल्प वस्तुएं खरीदारों के आकर्षण का केंद्र रहीं। ट्रेड जानकारों का कहना है कि इस प्रकार के बड़े बी2बी आयोजन केवल बिक्री तक सीमित नहीं रहते, बल्कि नए व्यापारिक संबंधों को विकसित करने, मार्केट की हलचल से बदलती परिस्थितियों को समझने और भविष्य की मांग का आकलन करने का अवसर भी प्रदान करते हैं। कई एग्जिबिटर्स ने आगामी त्यौहारी और वैवाहिक सीजन के लिए बड़े ऑर्डर मिलने की संभावना जताई।

इंपोर्ट नियामों और बाजार की चुनौतियों पर चर्चा
हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा सिल्वर के कुछ आयातों पर डीजीएफटी की मंजूरी अनिवार्य किए जाने के निर्णय के बाद उद्योग जगत में नई चर्चाएं शुरू हुई हैं। सिल्वर व्यापारियों का मानना है कि सरकार द्वारा लागू किए गए नियामकीय बदलावों और कीमतों की अस्थिरता के बीच उद्योग को संगठित मंचों की आवश्यकता और बढ़ गई है। ऐसे में सिल्वर शो ऑफ इंडिया जैसे आयोजन बाजार को दिशा देने और उद्योग की सामूहिक आवाज को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। सिल्वर शो ऑफ इंडिया ने देश भर के सिल्वर ज्वेलरी निर्माताओं, थोक व्यापारियों, डिजाइनरों और रिटेलर्स को एकजुट कर चांदी उद्योग के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। सफलता की दृष्टि से इस एग्जिबिशन की विशेषता को देखें, तो यह आयोजन केवल आयोजन तक ही सीमित ही नहीं रहा, बल्कि सिल्वर इंडस्ट्री को नई तकनीक, आधुनिक डिजाइन, वैश्विक बाजार और व्यापारिक संभावनाओं से जोड़ने में भी सफल रहा है। मुंबई में सफलतापूर्वक संपन्न हुए इस चार दिवसीय आयोजन ने यह स्पष्ट संकेत दिया है कि चुनौतियों के बावजूद भारतीय सिल्वर उद्योग की संभावनाएं मजबूत हैं। कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच जहां रिटेल सेल पर दबाव महसूस किया जा रहा है, वहीं व्यापारिक स्तर पर मांग और नेटवर्किंग गतिविधियों में तेजी देखी जा रही है। सिल्वर शो ऑफ इंडिया 2026 ने न केवल कारोबारियों को नए अवसर उपलब्ध कराए, बल्कि यह भी साबित किया कि भारत में सिल्वर का बाजार आने वाले वर्षों में और अधिक संगठित तथा व्यापक रूप ले सकता है। इस तरह के ट्रेड विकस्त करने वाले आयोजनों में भारत के अलावा विदेशों से भी खरीदार और प्रदर्शक भाग लेते हैं, जिससे भारतीय उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच बनाने में मदद मिलती है।
अग्रणी एग्ज्बिशन कंपनी है जीईएस इंडिया आईएनसी
जीईएस इंडिया आईएनसी देश की प्रमुख प्रदर्शनी एवं व्यापारिक एग्ज्बिशन आयोजक कंपनियों में से एक है, जो विभिन्न उद्योगों के लिए राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के व्यापार मेलों और बिजनेस-टू-बिजनेस एग्ज्बिशन के आयोजन करती है। कंपनी का मूल उद्देश्य उद्योग जगत के निर्माताओं, व्यापारियों, एक्सपोर्टर्स और इंपोर्टर्स सहित होलसेलर्स और रिटेलर्स को एक साझा मंच उपलब्ध कराना है, जहां वे नए व्यावसायिक अवसरों का लाभ उठा सकें और अपने नेटवर्क का विस्तार कर सकें। जीईएस इंडिया आईएनसी कंपनी ने विशेष रूप से ज्वेलरी, सिल्वर, स्टोन्स, लाइफस्टाइल एवं कंजूमर्स प्रोडक्ट जैसे क्षेत्रों में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। जीईएस इंडिया द्वारा आयोजित सिल्वर शो ऑफ इंडिया आज भारत का सबसे बड़ा सिल्वर केंद्रित बी2बी ट्रेड शो माना जाता है।
