IIJS Premier: ज्वेलरी सेक्टर की प्रमुख संस्था द जेम्स एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (GJEPC) द्वारा आयोजित देश के सबसे बड़े तथा दुनिया के दूसरे सबसे बड़े बी2बी जेम्स एवं ज्वेलरी एग्जिबिशन ‘आइआइजेएस भारत प्रीमियर-2026’ (IIJS Premier) का भव्य शुभारंभ 5 अगस्त को मुंबई (Mumbai) के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) स्थित जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में हुआ। महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के मुख्य आतिथ्य में शुरू हुआ यह मेगा आयोजन 5 से 9 अगस्त तक जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर तथा 6 से 10 अगस्त तक बॉम्बे एग्जिबिशन सेंटर, गोरेगांव में आयोजित किया जा रहा है। उद्घाटन समारोह में जीजेईपीसी के पदाधिकारियों, देश-विदेश के प्रमुख उद्योगपतियों, निर्यातकों, ज्वेलरी निर्माताओं, अंतरराष्ट्रीय खरीदारों तथा उद्योग जगत के अनेक गणमान्य प्रतिनिधियों सहित पूर्व सांसद विजय दर्डा भी उपस्थित थे।

by Sakshi Tripathi / The Jewel Trades
भारत वैश्विक ज्वेलरी सोर्सिंग हब बनने की दिशा में सफल
आइआइजेएस प्रीमियर के 42वें संस्करण के उदघाटन समारोह में जीजेईपीसी के अध्यक्ष किरिट भंसाली ने कहा कि आइआइजेएस भारत प्रीमियर केवल एक एग्जिबिशन नहीं, बल्कि भारतीय जेम्स एवं ज्वेलरी उद्योग की वैश्विक ताकत का प्रदर्शन है। उन्होंने कहा कि यह मंच भारतीय निर्माताओं को दुनिया भर के खरीदारों से जोड़ता है, जिससे निर्यात बढ़ाने, नए बाजार विकसित करने और भारत को वैश्विक ज्वेलरी सोर्सिंग हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिल रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस वर्ष भी एग्जिबिशन के दौरान बड़े पैमाने पर व्यावसायिक सौदे होंगे, जिससे उद्योग को नई गति मिलेगी। प्रमुख वक्ताओं ने कहा कि भारत आज केवल विश्व का सबसे बड़ा आभूषण उपभोक्ता बाजार ही नहीं, बल्कि डिजाइन, नवाचार, विनिर्माण और निर्यात क्षमता के दम पर वैश्विक ज्वेलरी उद्योग का नेतृत्व करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
इस बार एग्जिबिशन का दायरा और अधिक विस्तारित
जीजेईपीसी की आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि पिछले वर्षों की सफलता को देखते हुए इस बार एग्जिबिशन का दायरा और अधिक विस्तारित किया गया है। हाई-एंड कूट्योर ज्वेलरी के लिए ‘द सिलेक्ट क्लब’, लैब ग्रोन डायमंड, प्राकृतिक हीरे, रंगीन रत्न, स्वर्ण, हीरा, सिल्वर ज्वेलरी, मशीनरी एवं तकनीक सहित सभी प्रमुख उत्पाद श्रेणियों को अलग-अलग खंडों में व्यवस्थित किया गया है, जिससे खरीदारों को बेहतर सोर्सिंग अनुभव प्राप्त हो सके। साथ ही समानांतर रूप से आयोजित ‘आईजीजेएमई भारत प्रीमियर-2026’ में अत्याधुनिक ज्वेलरी मशीनरी और तकनीकों का प्रदर्शन भी किया जा रहा है। आइआइजेएस प्रीमियर एग्जिबिशन में इस बार 2100 से अधिक प्रदर्शक कंपनियां, 3600 से अधिक स्टॉल, लगभग 1.35 लाख वर्गमीटर एग्जिबिशन क्षेत्र, 50 हजार से अधिक व्यापारिक खरीदार, देश के 1300 से अधिक शहरों तथा 80 से अधिक देशों से आने वाले अंतरराष्ट्रीय खरीदार भाग ले रहे हैं।

हजारों करोड़ रुपये के संभावित कारोबारी सौदों का आधार
‘आइआइजेएस भारत प्रीमियर-2026’ भारतीय जेम्स एवं ज्वेलरी उद्योग को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। व्यापारिक दृष्टि से यह आयोजन हजारों करोड़ रुपये के संभावित कारोबारी सौदों का आधार माना जाता है। देशभर के निर्माता, थोक व्यापारी, खुदरा विक्रेता, निर्यातक और विदेशी खरीदार एक ही मंच पर आकर दीर्घकालिक व्यापारिक साझेदारियां स्थापित करते हैं। विशेष रूप से छोटे और मध्यम ज्वेलरी निर्माताओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच बनाने का अवसर मिलता है, जिससे उनके व्यवसाय के विस्तार के नए द्वार खुलते हैं। यहां केवल तैयार आभूषणों की खरीद-बिक्री ही नहीं होती, बल्कि नई डिजाइन, आधुनिक तकनीक, पैकेजिंग, ब्रांडिंग, मशीनरी, कच्चे माल, अंतरराष्ट्रीय ट्रेंड और भविष्य की कारोबारी रणनीतियों पर भी व्यापक चर्चा होती है।
आइआइजेएस ज्वेलरी उद्योग का सबसे प्रभावशाली मंच
ज्वेलरी उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान समय में वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में हो रहे बदलाव, ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा, बढ़ती अंतरराष्ट्रीय मांग तथा डिजिटलीकरण के दौर में आइआइजेएस भारत प्रीमियर भारतीय ज्वेलरी उद्योग के लिए सबसे प्रभावशाली व्यापारिक मंच बन चुका है। ज्वेलरी उद्योग का मानना है कि यह आयोजन निर्यात बढ़ाने, रोजगार सृजन, तकनीकी उन्नयन, नवाचार को प्रोत्साहन तथा भारत को विश्व के अग्रणी ज्वेलरी विनिर्माण एवं व्यापार केंद्र के रूप में स्थापित करने में निर्णायक भूमिका निभाएगा। यही कारण है कि हर वर्ष यह एग्जिबिशन भारतीय ज्वेलरी उद्योग के लिए केवल एक व्यापारिक आयोजन नहीं, बल्कि पूरे उद्योग की विकास यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण मंच बनकर उभर रही है।
